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बेसुरम्
ग़ाफ़िल
चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’
सी. बी. मिश्र ‘ग़ाफ़िल’
Thursday, September 06, 2018
ज़िन्दगी तुझपे है गुमाँ फिर भी
मर्तबा क्या है देखिए पर उफ़ुक़
फ़र्श पर ख़ुश है आसमाँ फिर भी
गोया है मौत ही तेरी मंज़िल
ज़िन्दगी तुझपे है गुमाँ फिर भी
-ग़ाफ़िल’
Saturday, September 01, 2018
लगे है पर हम तुमको पाने वाले हैं
दर्दे दिल ही है जो साथ है रोज़ो शब
और एहसासात आने जाने वाले हैं
ऐसा भी है कहाँ के तुम मिल जाओगे
लगे है पर हम तुमको पाने वाले हैं
-‘ग़ाफ़िल’
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