फ़ेसबुक पर अनुसरण करें-

ग़ाफ़िल

My photo
Babhnan, Gonda, Uttar Pradesh, India

Tuesday, June 18, 2013

मैं तुझे आजमा के देख लिया

ख़ूब अपना बना के देख लिया
मैं तुझे आजमा के देख लिया
तुझको ख़ुश देखने की ख़्वाहिश में
मैंने ख़ुद को गंवा के देख लिया

बात करके मुझे बेज़ार न कर!
हो चुका ख़ूब अब लाचार न कर!
तेरी ख़ुदगर्ज़ियाँ छुपी न रहीं
बख़्श दे मुझको और प्यार न कर!

अब तो अपना जमाना चाहता हूँ
ख़ुद को अब आजमाना चाहता हूँ
तेरी ख़ुशियों से मैं क्यूँ ख़ुश होऊँ
ख़ुद की ख़ुशियों में जाना चाहता हूँ।।

Tuesday, June 11, 2013

कोई मुझे रुला गया

किसी की जान जा रही किसी को लुत्फ़ आ गया
कोई सिसक सिसक रहा कोई है गीत गा गया

मज़ार दीपकों की रोशनी में हैं खिले मगर
किसी की ज़िन्दगी को अन्धकार थपथपा गया

किसी की मांग धुल रही किसी की सेज सज गयी
कोई यहाँ से जा रहा कोई यहाँ पे आ गया

यहीं पे जीत हार है यहीं पे द्वेष प्यार है
कोई किसी को भा गया कोई किसी को भा गया

अगर कहें तो है अज़ीब रंगतों का ये जहाँ
कोई मुझे हँसा रहा कोई मुझे रुला गया

-‘ग़ाफ़िल’