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ग़ाफ़िल
चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’
सी. बी. मिश्र ‘ग़ाफ़िल’
Friday, December 04, 2020
साहिल को घेरती गर कोई नदी न होती
Wednesday, December 02, 2020
मगर क्या के अक़्सर लज़ाकर चले
ज़ुनून आने का क्यूँ न जाना हो गर
और आए भी क्या जो हम आकर चले
चलो ख़ैर आए हम अक़्सर यहाँ
मगर क्या के अक़्सर लज़ाकर चले
-‘ग़ाफ़िल’
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