Tuesday, July 28, 2020
Monday, July 27, 2020
अपने दम पे नाम कमाना होता है
जी का दुखना मैंने माना होता है
पर सच है क्या प्यार दीवाना होता है
दिखता नहीं है चाँद आजकल अब उसका
किस कूचे में आना जाना होता है
अक़्सर पाता हूँ मैं, राहे उल्फ़त में
उसका बोझ और अपना शाना होता है
इश्क़ में शिक़्वे बाइस हैं रुस्वाई के
अपने दम पे नाम कमाना होता है
ग़ाफ़िल और अब कितनी आवारागर्दी?
अब्रों का भी एक ठिकाना होता है
-‘ग़ाफ़िल’
पर सच है क्या प्यार दीवाना होता है
दिखता नहीं है चाँद आजकल अब उसका
किस कूचे में आना जाना होता है
अक़्सर पाता हूँ मैं, राहे उल्फ़त में
उसका बोझ और अपना शाना होता है
इश्क़ में शिक़्वे बाइस हैं रुस्वाई के
अपने दम पे नाम कमाना होता है
ग़ाफ़िल और अब कितनी आवारागर्दी?
अब्रों का भी एक ठिकाना होता है
-‘ग़ाफ़िल’
Subscribe to:
Posts (Atom)
