फ़ेसबुक पर अनुसरण करें-

मेरी फ़ोटो

मेरे बारे में अधिक जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

बुधवार, अक्तूबर 06, 2010

बेचारा सीबी बाबू

पुस्तकालय-कार्यालयी समस्याओँ से सन्दर्भित प्रस्तुत रचना, सीबी बाबू का 'ग़ाफ़िल' होने से पूर्व की है।
रचना-
बाबू सीबी व्यथित मन, करै किताबी बाँट।
सीत-सरद, गरमी-गरम, मिला पत्थरी पाट॥
मिला पत्थरी पाट, पूर्णत: धूल-धूसरित;
स्वसन गर्द-परिपूर्ण, बाल राखी से विलसित।
उदासीन अफ़सर, हो गर्दा कैसे काबू;
सिर धुनता पछिताय, बेचारा सीबी बाबू॥
                                                              -ghafil

1 टिप्पणी: