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बुधवार, फ़रवरी 21, 2018

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1- 

मिल जाए इश्क़ हुस्न का सौदा किए बग़ैर


2- 

या फ़साना ही सुनाए बरगलाने के लिए


                                                                                                 -‘ग़ाफ़िल’

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