Monday, August 03, 2026

हमारे हाथ जले

 नमन् दोस्तो!

हमारे हाथ जले उन ही दीयों से 'ग़ाफ़िल'

जिन्हें हवा के थपेड़ों से हम बचाए हैं

-'ग़ाफ़िल'





3 comments:

  1. वाह | ब्लॉग पर पुन: वापसी पर स्वागत |

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  2. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 5 अगस्त 2026 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  3. सावधानी हटी, दुर्घटना घटी

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