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सोमवार, सितंबर 30, 2013

लूटि लियो मेरो दिल को गल्ला

लूटि लियो मेरो दिल को गल्ला

ग़ाफ़िल! मैं तो सेठानी थी
कियो भिखारिन छिन में लल्ला

सौंपि दीन्हि तोहे सिगरौ पूँजी
मान बढ़ायो केकर भल्ला

जौ जानित हौ निपट स्वारथी
काहे फाँनित आपन जल्ला

अब तौ चिरई खेत चूँगि गै
व्यर्थ है मोर मचाइब हल्ला

लूटि लियो मेरो दिल को गल्ला

हाँ नहीं तो!

1 टिप्पणी:

  1. अब तौ चिरई खेत चूँगि गै
    व्यर्थ है मोर मचाइब हल्ला
    hahahaaaaaaaaaa

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