फ़ेसबुक पर अनुसरण करें-

मेरी फ़ोटो

मेरे बारे में अधिक जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

शुक्रवार, नवंबर 24, 2017

हम अक़्सर देखे हैं

दर पर तेरे रोज़ रगड़ते पेशानी
हुस्न! हम कई शाह कलन्दर देखे हैं

संगमरमरी ताज की दीवारों पर भी
दाग़ खोजते लोग हम अक़्सर देखे हैं

-‘ग़ाफ़िल’

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें