फ़ेसबुक पर अनुसरण करें-

गुरुवार, जून 01, 2017

जी ही तब मेरा जलाने आए

आए तू कोई बहाने आए
पास मेरे भी ज़माने आए
जब कभी सूझे नहीं हाथ को हाथ
जी ही तब मेरा जलाने आए

-‘ग़ाफ़िल’

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें