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सोमवार, अप्रैल 18, 2016

आओ शादी शादी खेलें

आदाब दोस्तो! चार लाइन बस एवैं-

आओ शादी शादी खेलें
तन मन की बर्बादी खेलें
खेल चुके अब ख़्वाब सुहाने
ग़ुम होती आज़ादी खेलें

आओ शादी शादी खेलें...

-‘ग़ाफ़िल’

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