फ़ेसबुक पर अनुसरण करें-

ग़ाफ़िल

My photo
Babhnan, Gonda, Uttar Pradesh, India

Saturday, September 12, 2015

एक पर ग़ाफ़िल पे लानत दोस्तो

मुस्कुराने की है आदत दोस्तो
इसलिए दिल है सलामत दोस्तो

खेलना आरिज़ से ज़ुल्फ़ों को बदा
यूँ कहाँ मेरी है किस्मत दोस्तो

आदतन ही शुक्रिया बोला उसे
है मगर उससे रक़ाबत दोस्तो

साफ़ बच जाए नज़र के वार से
है किसे हासिल महारत दोस्तो

शाम मेरे साथ शब ग़ैरों के साथ
इश्क़ है या है क़यामत दोस्तो

शोख़ियां उसकी मुझे उकसा रहीं
हो न जाए कुछ शरारत दोस्तो

एक क़त्आ-

आज मुझको लोग दीवाना कहें
दिल पे है उसकी हुक़ूमत दोस्तो
था यकीं के रंग लाएगी ज़ुरूर
एक दिन मेरी मुहब्बत दोस्तो

मक़्ता-

है सरापा इश्क़ में सारा जहाँ
एक पर ग़ाफ़िल पे लानत दोस्तो

-‘ग़ाफ़िल’

2 comments: